3.6 C
New York
Thursday, February 19, 2026

पूरे यूरोपीय यूनियन को एक न्‍यूक्‍ल‍ियर अंब्रेला के नीचे लाना होगा: फ्रेडरिक मर्ज

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि जब तक अमेरिका है, तभी तक यूरोप सुरक्ष‍ित है, लेकिन अब इस ब्‍लैकमेल का जवाब जर्मनी ने देने की ठान ली है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संकेत दिए हैं, जिसमें कहा जा रहा कि जर्मनी अब यूरोपीय देशों को न्‍यूक्‍ल‍ियर अंब्रेला मुहैया कराएगा। जर्मनी इसके जिए फ्रांस के साथ जुगलबंदी करने की योजना बना रहा है और न्‍यूक्‍ल‍ियर सिक्यूरिटी डेवलप करने की तैयारी है।
यूरोपीय देश लंबे समय से अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका और उसके न्‍यूक्‍ल‍ियर वेपन पर निर्भर रहे हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने जिए तरह उन्‍हें दोयम दर्जे का बताने की कोशिश की है, उससे यूरोपीय देश काफी गुस्‍से में हैं। ट्रंप की इस हरकत से उनका भरोसा टूट गया है क्योंकि ट्रंप कह चुके हैं कि अमेरिका उन देशों की रक्षा नहीं करेगा जो अपनी सुरक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं कर रहे हैं। ग्रीनलैंड खरीदने और उस पर कब्‍जा करने की बात कहकर ट्रंप ने आग में घी डाल दी है। इन घटनाओं ने जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्हें अमेरिका के भरोसे रहने के बजाय अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि अमेरिका के साथ मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का एक विकल्प बनाना होगा। पूरे यूरोपीय यूनियन को एक न्‍यूक्‍ल‍ियर अंब्रेला के नीचे लाना होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ये बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और कोई भी फैसला तत्काल नहीं लिया जाने वाला है। गुरुवार को मर्ज ने कहा कि हम जानते हैं कि हमें कई रणनीतिक और सैन्य नीतिगत फैसलों पर पहुंचना है, लेकिन फिलहाल अभी वह समय नहीं आया है। मर्ज ने यह भी साफ किया कि यह बातचीत अमेरिका के साथ न्यूक्लियर-शेयरिंग के विरोध में नहीं है, बल्कि यह उसे और मजबूत करने की एक कोशिश है।
मर्ज की पार्टी के सहयोगी और संसदीय रक्षा समिति के प्रमुख ने इस योजना को और बल दिया है। उन्होंने दावा किया कि जर्मनी के पास वह तकनीकी क्षमता है जिसका उपयोग यूरोपीय परमाणु हथियार विकसित करने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास मिसाइलें या वारहेड्स नहीं हैं, लेकिन हमारे पास एक अहम तकनीकी है जिसे हम एक संयुक्त यूरोपीय पहल में योगदान दे सकते हैं।
बता दें फ्रेडरिक मर्ज का यह बयान बताता है कि यूरोप अब सुरक्षा के मामले में ‘आत्मनिर्भर’ होने की दिशा में गंभीर है। ट्रंप की अनिश्चित नीतियों ने जर्मनी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर अमेरिका पीछे हटता है, तो यूरोप के पास अपनी सुरक्षा के लिए क्या विकल्प बचेगा? खुद का परमाणु बम न सही, लेकिन ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर एक ‘ज्वाइंट न्यूक्लियर अंब्रेला’ तैयार करना ट्रंप के ‘सिक्योरिटी दांव’ को बेदम करने का नया प्लान हो सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि बर्लिन अब वाशिंगटन की धमकियों के आगे झुकने के बजाय विकल्प तलाश रहा है।

Previous articleअमेरिकी हमले के चलते ईरान मेट्रो स्टेशनों को बना रहा बंकर, कभी भी हो सकती है जंग?
News Desk

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles