20.3 C
New York
Wednesday, March 11, 2026

दुश्मनों को लग रहा था ईरान कमजोर पड़ जाएगा, गलतफहमी दूर करेंगे: ईरानी नेता लारिजानी

तेहरान। अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में सत्ता का परिवर्तन हो गया है। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है, जिसके बाद ईरान की इस्लामिक सरकार के समर्थकों में एक नया जोश देखा जा रहा है। ईरान के राजनीतिक गलियारों में भी इस बदलाव का जोरदार स्वागत हुआ है। संसद के स्पीकर और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देशवासियों से नए नेता के प्रति एकजुट रहने की अपील की है। वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने इस अवसर पर कहा कि दुश्मनों को लगा था कि अली खामेनेई के बाद ईरान कमजोर पड़ेगा, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत नए नेता के चयन ने देश की मजबूती को साबित कर दिया है।
नए सर्वोच्च नेता के पद संभालते ही ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य आक्रामकता को चरम पर पहुंचा दिया है। इस बीच, मोजतबा खामेनेई को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि वह वर्तमान युद्ध की स्थिति में घायल हो चुके हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने न केवल इजरायल बल्कि सऊदी अरब की तरफ भी भारी मात्रा में ड्रोन लॉन्च किए हैं। ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने नए सुप्रीम लीडर के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताई है। आईआरजीसी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह मोजतबा खामेनेई के ‘दिव्य आदेशों’का पूरी तरह पालन करेगी और अमेरिका के साथ संभावित युद्ध में अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार है। युद्ध के मोर्चे पर आईआरजीसी ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि इजरायल और अन्य क्षेत्रीय लक्ष्यों पर खोर्रमशहर, फतह, खैबर और कद्र जैसी आधुनिक मिसाइलों से हमले किए गए हैं। इन हमलों की तीव्रता को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर जॉर्ज बुश ईरान की ओर रवाना कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि सोमवार सुबह बहरीन में ईरानी ड्रोन हमलों से कम से कम 32 लोग घायल हो गए, जबकि कुवैत और कतर की सेनाओं ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की पुष्टि की है। विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई का शासन ईरान की नीतियों को और अधिक कठोर बनाएगा, जिससे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ उनका रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त होने की संभावना है।

Previous articleसोना-चांदी में जबरदस्त उछाल: चांदी ₹9250 महंगी, सोना ₹1.62 लाख पर
Next articleट्रंप प्रशासन से टकराई एआई कंपनी एंथ्रोपिक, पेंटागन के खिलाफ अदालत पहुंचा मामला
News Desk

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles