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Wednesday, February 18, 2026

जेफ्री पर मरती थी निकोल, ई-मेल में लिखा– क्या तुम मेरे साथ बच्चा करोगे?

वाशिंगटन। एप्सटीन फाइल्स में दुनिया के कोने-कोने में मौजूद मशहूर लोगों के ऐसे राज छिपे हैं, जो उनकी छवि को खराब कर सकते हैं। क्या राजनेता, क्या अभिनेता और क्या कारोबारी, हर किसी का नाम जेफ्री एप्सटीन के ई-मेल्स में है। हाल ही में जर्मनी में जन्मी निवेशक और काउंटेस निकोल जंकरमैन को जेफ्री एप्सटीन से जुड़े नए खुलासों के बाद अपने सार्वजनिक पदों से इस्तीफा देना पड़ा है। अमेरिकी न्याय विभाग के जारी दस्तावेजों में सामने आया कि जंकरमैन सालों तक एप्सटीन के साथ ईमेल संपर्क रहा था। जब उनका नाम फाइल्स में बाहर आया, तो बढ़ते विवाद और सार्वजनिक दबाव के बीच उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित रॉयल मार्सडेन कैंसर चैरिटी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निकोल जंकरमैन एक काउंटेस हैं और उनका शाही परिवार से करीबी नाता है। ऐसे में उनका नाम इस तरह की फाइल में आना और सीधा जेफ्री एप्सटीन से संवाद करना न सिर्फ उनकी बल्कि रॉयल फैमिली की भी प्रतिष्ठा को कहीं न कहीं नुकसान पहुंचाने वाला है। यही वजह है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। निकोल जंकरमैन एक जानी-मानी व्यवसायी हैं। वह लंदन में रहकर टेक्नोलॉजी, बायोटेक और फाइनेंस क्षेत्र में सक्रिय रही हैं।
2023 के अंत में उन्हें रॉयल मार्सडेन कैंसर चैरिटी का ट्रस्टी बनाया गया था। यह चैरिटी ब्रिटेन के प्रमुख कैंसर अस्पताल रॉयल मार्सडेन से जुड़ी है।
रिपोर्ट के मुताबिक निकोल का शाही परिवार से भी संबंध रहा है। दरअसल वे एक काउंटेस हैं, यानि उनका परिवार, शाही क्रम में दूसरे नंबर पर आता है। हाल ही में जारी एप्सटीन फाइल्स में जंकरमैन का नाम सैकड़ों बार सामने आया। रिपोर्ट कहती हैं कि उनके और एप्सटीन के बीच करीब दो दशकों तक ईमेल संवाद हुआ, जिनमें कुछ संदेश 2008 में एप्सटीन की सजा के बाद के भी बताए जा रहे हैं। एक ईमेल में उन्होंने सो कॉल्ड पर्सनल और जोशीले शब्दों का इस्तेमाल किया था। यहां तक कि एक ई-मेल में लिखा था– ‘क्या तुम मेरे साथ बच्चा करोगे?’ इस ई-मेल के बाद इन दोनों के रिश्तों को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि इन दस्तावेजों में नाम आने का मतलब किसी अपराध में शामिल होना नहीं माना गया है, लेकिन सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए ऐसे संबंध गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
निकोल के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि वे उस वक्त एप्सटीन की ओर से भ्रमित और गुमराह की गई थीं और उन्हें इस संपर्क पर गहरा पछतावा है। उन्होंने एप्सटीन के कृत्यों को घृणित बताया और उसके पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताई। बता दें अमेरिकी नागरिक जेफ्री एप्सटीन नाबालिग लड़कियों के शोषण के मामलों में दोषी ठहराया गया था। वो साल 2019 में जेल में मृत पाया गया था, लेकिन उसकी मौत के वर्षों बाद भी उससे जुड़े खुलासे दुनिया भर के प्रभावशाली लोगों और संस्थानों को झकझोर रहे हैं।

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News Desk

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