3.9 C
New York
Thursday, February 19, 2026

चीन के 16 वाय-20 कार्गो विमान तेहरान में उतरे

तेहरान। अमेरिका की ओर से लगातार दी जा रही हमले की धमकी को देखते हुए चीन ने ईरान की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। इसी कड़ी में चीन ने करीब चार दिनों में 16 चीनी वाय-2- कार्गो विमान तेहरान में उतार दिए हैं। इससे दुनियाभर में एक नए युद्ध की शुरुआत होने का अंदेशा जताया जा रहा है।      
सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट और मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया जा रहा है कि पिछले करीब चार दिनों में 16 चीनी वाय-20 सैन्य कार्गो विमान ईरान में उतारे जा चुके हैं। इतनी कम अवधि में इस प्रकार से अचानक सैन्य विमानों और युद्ध का साजो-सामान एक देश से दूसरे देश हस्तांतरण करने से सभी चौकन्नें हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी हमले की आशंका को देखते हुए ईरान ने बड़े पैमाने पर हमले रोकने और जवाबी कार्रवाई करने की तैयारियाँ शुरु कर दी हैं, वहीं ईरान की मदद में चीन अब खुलकर सामने आ गया है।
गौरतलब है कि ईरान में जारी हिंसा और बड़ी संख्या में हुई मौतों के बीच ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों व अन्य अपराधियों को फांसी दिए जाने की घोषणा के बाद अमेरिका ने सीधे हमला करने की चेतावनी दे दी थी। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह खामेनेई ने बड़ी संख्या में हुई मौतों का जिम्मेदार ट्रंप को ठहराया था, इससे भड़के ट्रंप ने खामेनेई का नाम लेते हुए उन्हें सत्ता से बेदखल करने का दावा पेश किया। इस तनातनी के बीच अमेरिका के सहयोगी देशों ने ट्रंप से हमला नहीं करने और संयम बरतने को कहा, वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दुनिया को बताया कि करीब 800 लोगों को फांसी देने की योजना रोक दी गई है। इस घटनाक्रम के बाद व्हाइट हाउस का माहौल भी बदल गया ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने का ऐलान कर दिया। इससे समझा जा रहा था कि युद्ध के जो बादल ईरान के आसमान पर मंडरा रहे थे वे छंट गए, लेकिन इसी बीच अचानक चीन ने अपने दो रहस्यमयी बोईंग हवाई जहाज तेहरान में उतार दिए। इसके बाद एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले करीब चार दिनों के अंतराल में चीन ने अपने 16 वाय-20 सैन्य कार्गो विमान तेहरान में उतार दिए हैं। अमेरिकी हमले का अंदेशा और संभावित युद्ध की आशंका को देखते हुए चीन ने ईरान की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। इसके बाद से ही तेहरान के तेवर बदले नजर आए हैं। इसके बाद से ही एक बार फिर से जंग के आसार बढ़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ गई है। ऐसे में सभी की नजरें ट्रंप और खामेनेई के अगले बयान और कदम पर टिक गई हैं। इस मामले में किसी भी देश ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट लगातार अंदेशा जाहिर कर रही हैं।  

Previous articleपेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी: क्या आज मिली राहत या बढ़ गया बोझ? घर से निकलने से पहले देखें ताजा भाव
Next articleरायपुर में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी का अवैध मकान ध्वस्त
News Desk

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles