12.3 C
New York
Saturday, April 11, 2026

ऑटो दिग्गज फॉक्सवैगन-स्टेलेंटिस की EU से गुहार, इंडस्ट्री बचाने की अपील

यूरोपीय संघ से की गई अपील में दोनों कंपनियों ने सुझाव दिया है कि यूरोप में निर्मित वाहनों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड बोनस की व्यवस्था की जाए।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों का मानना है कि इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, नौकरियां सुरक्षित रहेंगी और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना आसान होगा।

भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर चेतावनी

Stellantis (स्टेलेंटिस) के सीईओ एंटोनियो फिलोसा और Volkswagen (फॉक्सवैगन) के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने संयुक्त रूप से चेताया कि यूरोप एक नए भू-राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है।उनका कहना है कि अब व्यापार, तकनीक और औद्योगिक क्षमताओं का इस्तेमाल राष्ट्रीय हितों को साधने के लिए पहले से कहीं ज्यादा किया जा रहा है। और ऐसे में यूरोपीय संघ को जल्द अपना रास्ता चुनना होगा।

‘EU प्रेफरेंस’ नियमों पर बढ़ती बहस

इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ‘EU प्रेफरेंस’ नियमों पर भी बहस तेज हो गई है।फ्रांस जैसे कुछ देश चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए “मेड इन यूरोप” को प्राथमिकता दी जाए। हालांकि, यूरोपीय आयोग के भीतर मतभेदों के चलते इस पर फैसला कम से कम एक महीने के लिए टल गया है।

इलेक्ट्रिफिकेशन की लागत पर Stellantis की आपत्ति

Fiat (फिएट) और Peugeot (प्यूजो) की मूल कंपनी स्टेलेंटिस ने यूरोपीय आयोग द्वारा प्रस्तावित कुछ बदलावों की आलोचना की है।कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण अब भी कार निर्माताओं पर भारी लागत का दबाव बना रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी दुविधा

फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस के प्रमुखों ने कहा कि यूरोप में ईवी बैटरी सेल निर्माण से जुड़ी दिक्कतें यूरोपीय संघ की दुविधा को साफ दिखाती हैं।एक ओर तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए स्थानीय उत्पादन जरूरी है। वहीं दूसरी ओर ग्राहक सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की उम्मीद करते हैं। कीमतें कम रखने के दबाव में सस्ती आयातित बैटरियों पर निर्भरता बढ़ जाती है।

बैटरी जॉइंट वेंचर्स की समीक्षा

एंटोनियो फिलोसा इस समय स्टेलेंटिस  के वैश्विक परिचालन की समीक्षा कर रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक, कंपनी कुछ बैटरी जॉइंट वेंचर्स का आकार घटाने या उन्हें बंद करने पर भी विचार कर सकती है। यह समीक्षा ऐसे वक्त में हो रही है, जब बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में नरमी देखने को मिल रही है।
 
निष्कर्ष: संरक्षण और प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन की चुनौती

फॉक्सवैगन और स्टेलेंटिस  की अपील यह दिखाती है कि यूरोप का ऑटो उद्योग अब नीतिगत समर्थन, लागत नियंत्रण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन की मांग कर रहा है। आने वाले फैसले यह तय करेंगे कि यूरोप इस बदलते ऑटोमोटिव परिदृश्य में अपनी स्थिति कैसे मजबूत करता है।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles